फिल्मों में काम करने की धुन और प्रदीप चटर्जी का जुनून....रंग लाएगा नए वर्ष में.....* - DIGITAL CINEMA

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फिल्मों में काम करने की धुन और प्रदीप चटर्जी का जुनून....रंग लाएगा नए वर्ष में.....*

 

प्रदीप चटर्जी का परिचय इतना भर है कि वह मुजफ्फरपुर (बिहार) में जन्में, पढ़ाई पूरी की और इसी शहर में भारतीय स्टेट बैंक में नौकरी कर ली। लेकिन, बचपन से जो एक्टिंग करने का सपना था, वह एक दिवास्वप्न बन गया। वह देवानंद से प्रभावित थे। नौकरी के दरम्यान प्रदीप को एक शॉर्ट फिल्म मिल गई - "देश विदेश" ! इससे उनकी सोई इच्छा शक्ति जागृत हो गई और प्रदीप चटर्जी पुनः सक्रिय हो गए। नौकरी से सेवानिवृत्त होने के पश्चात् चटर्जी में एक नई एनर्जी पैदा हो गई और उन्होंने "रत्नदीप" शीर्षक से एक शॉर्ट फिल्म बनाई। इस फिल्म को वेस्ट बंगाल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में काफी सराहना मिली और एक्टर डायरेक्टर के रूप में प्रदीप चटर्जी पुरस्कृत/ सम्मानित भी किए गए। यह लघु चित्र यूट्यूब पर काफी दर्शक बटोर रहा है। अभी चटर्जी हिन्दी बंगला की कुछ फिल्मों के लिए अनुबंधित हैं, जिनमें बंगला में "भालो वासी" तथा हिन्दी में "प्रेम पुजारी", "पाकेटमार", "हमारे सपने" और "शादी" प्रमुख हैं। अभी प्रदीप चटर्जी कोलकाता में हैं और वहीं अपनी फिल्मों के लिए कार्यरत हैं। नये वर्ष में उनकी मेहनत रंग लायेगी। वह एक अभिनेता के रूप में स्थापित हो जायेंगे।

संवाद प्रेषक: काली दास पाण्डेय





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