हिन्दी फिल्म‘मोक्ष टू माया’ का प्रीमियर शो सम्पन्न - DIGITAL CINEMA

Header ads


हिन्दी फिल्म‘मोक्ष टू माया’ का प्रीमियर शो सम्पन्न


अंतरा क्रिएशन एल.एल.पी.  कृत  हिन्दी फिल्म  ‘मोक्ष  टू माया’ का  भव्य प्रीमियर शो गत  25 जुलाई, 2019 को अंधेरी (प.), मुंबई के सिटी माॅल पी.वी.आर. मल्टीप्लेक्स में बहुत ही भव्य पैमाने पर सम्पन्न हुआ, इसके बाद  यह फिल्म 26 जुलाई 2019 को मुंबई सहित सर्वत्र रिलीज हुई। इस फिल्म के निर्मातागण हैं श्वेता ठाकोर, नीरज भारद्वाज, रमेश पुरोहित एवं कृष्णा जी। इसके निर्देशक हैं मनोज सिंह जो कई चर्चित टी.वी. सीरियल निर्देशित कर चुके हैं।  ‘मोक्ष  टू  माया’ के  लेखक  कपिल  कौस्तुभ  शर्मा,  संगीतकार  बाबा  जागीरदार  एवं सिनेमेटोग्राफर धर्मेन्द्र विश्वास हैं। एडीटर सुनील बी. प्रसाद एवं नृत्य रिकी गुप्ता का है। मुख्य कलाकार हैं-बिदिता वाघ (‘बाबू मोशाय बंदूकबाज’ फेम), मेघना मलिक, अहसान खान, नीरज भारद्वाज, श्वेता ठाकोर, सैय्यद रजा, मुनि झा, मैत्री ठक्कर एवं राज प्रेमी। ‘मोक्ष टू माया’ की कहानी के अनुसार नायिका मोक्ष (बिदिता) का बचपन में ही एक रिश्तेदार द्वारा बलात्कार कर दिया जाता है और जवान होने पर जो भी मर्द उसकी ज़िदगी में आते हैं, सभी उसका शारीरिक शोषण करते हैं तथा उसे धोखा देते हैं। इन सभी से बदला लेने के लिए  मोक्ष,  माया  बनकर  सभी  को  एक-एक  कर  मौत  के  घाट  उतार  देती  है।  माया  बहुत शातिर है। अपने गुनाहों के खिलाफ कोई सबूत नहीं छोड़ती, पर तेज तर्रार पुलिस आॅफिसर अंबिका सिंह (मेघना मलिक), माया को सलाखों के पीछे पहुंचा ही देती है। लेकिन जब उसे उसकी दुख भरी कहानी पता चलती है तो वह एक योजना के तहत उसे जेल से भगा देती है। कुल मिलाकर फिल्म एक सार्थक संदेश देती है कि नाबालिग बच्चियों और महिलाओं से ज्यादती करने  वालों  को  सजा  अवश्य  मिलनी  चाहिए,  साथ  ही  समाज  का  दृष्टिकोण  भी  बदलना चाहिए। फिल्म की कहानी में नयापन है, निर्देशक मनोज सिंह का निर्देशन भी बेहतरीन है। नायिका  बिदिता  वाघ  का  अभिनय  काबिले-तारीफ  है,  साथ  ही  मेघना  मलिक  ने  भी  अपने अभिनय में जान फूंक दी है। नीरज भारद्वाज का सधा हुआ अभिनय प्रभावित करता है। अन्य कलाकार भी ठीक हैं। संगीत औसत है, फोटोग्राफी भी ठीक है। निःसंदेह, यह एक अच्छे व ज्वलंत विषय पर बनी एक अच्छी फिल्म है, जिसे दर्शकों द्वारा अवश्य ही पसंद किया जाना चाहिए। निर्देशक मनोज सिंह की यह पहली फिल्म है, और फिल्म का सब्जेक्ट बोल्ड होने के बावजूद उन्होंने एक भी दृश्य में गंदगी नहीं दिखाई, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।  उम्मीद है, यह फिल्म सभी दर्शकों को पसंद आएगी।

संवाद प्रेषक: काली दास पाण्डेय






No comments