फिल्म समीक्षा: 'पिक्चर अभी बाकी है' - DIGITAL CINEMA

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फिल्म समीक्षा: 'पिक्चर अभी बाकी है'


फिल्म समीक्षा:
           'पिक्चर अभी बाकी है'

*बैनर: एस एस एन एंटरटेनमेंट 
*निर्माता:आनंद कुमार लाल और श्रीमती शिवली     मंडल
*निर्देशक : प्रकाश अलबेला और कुमार सनोज
*क्रिएटिव डायरेक्टर :मनोज कुमार लाल और अभिषेक कुमार 
*संगीत :बंटी
*कलाकार : सुधीर दास, ज्योति आर्यन,मनोज कुमार लाल,ऋषि प्रकाश मिश्रा, प्रोमिला घोष,माणिक चक्रवर्ती,प्रवीण राठौर,ईशा आलिया,मुकेश राम प्रजापति,डीके,सूरज,सचिन,सतीश और सच्चु अलबेला आदि। 

**सेंसर सर्टिफिकेट : यू
*अवधि:2 घंटे 16 मिनट 8 सेकंड 
रेटिंग : 1.5/5

                 झारखंड की धरती से जुड़ी हिन्दी मिश्रित खोरठा फिल्म-'पिक्चर अभी बाकी है' मूल रूप से एक कॉमेडी फिल्म है।जिसमें एक संघर्षशील फ़िल्म निर्देशक की व्यथा को बेहद खूबसूरती से स्क्रीन पे उतारा गया है।साथ ही नवोदित कलाकारों की संघर्ष गाथा को भी बयां करती इस फिल्म के माध्यम से सामाजिक संदेश भी देने का प्रयास किया गया है।इस फिल्म में कुछ कमियां भी हैं। जैसे कहीं-कहीं फिल्म बहुत स्लो है। कुछ ऐसे दृश्य भी हैं जो नहीं भी रखे जाते तो भी फिल्म पर कोई फर्क नहीं पड़ता। सीमित संसाधनों के बीच हजारीबाग(झारखंड) की धरती पर पूर्ण रूप से निर्मित इस फिल्म के डीओपी अंजन बिस्वास की सिनेमाटोग्राफी शानदार है। 
भोजपुरी फिल्म-'माँ का लाडला' व अन्य फिल्मों वाले किरदारों से बिलकुल अलग किस्म का किरदार अभिनेता सुधीर दास इस फिल्म में निभाया है। लगता ही नहीं है कि वे एक्टिंग कर रहे हैं। बहुत ही संयत तरीके से उन्होंने अपने किरदार को जिया है। निर्देशक द्वय ने अन्य कलाकारों को भी उभरने का मौका दिया है और अभिनेता ज्योति आर्यन बेहद असरदार रहे हैं।उन पर एक सैड सॉन्ग काफी बेहतरीन तरीके से फिल्माया गया है।कुल मिलाकर यह फिल्म एक बार देखने के लायक बन पड़ी है।



प्रस्तुति: काली दास पाण्डेय


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