मनोरंजक फिल्म है ‘कड़के कमाल के’ - DIGITAL CINEMA

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मनोरंजक फिल्म है ‘कड़के कमाल के’


केतन फिल्म्स इंटरनेशनल की नवीनतम प्रस्तुति हिन्दी फिल्म ‘कड़के कमाल के’ प्रदर्शन के बाद कलेक्शन के मामले में अपने समानांतर में खड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ रही है।पिछले दिनों मुंबई की चर्चित फिल्म वितरण संस्था-'मित्तल एडवरटाइजिंग एण्ड डिस्ट्रीब्यूशन' द्वारा पूरे देश में रिलीज की गई इस फिल्म के  निर्माता ऐतवारी सिंह  व  निर्देशक  लक्ष्मण  सिंह  हैं।  क्रिएटिव  डायरेक्टर  रजत  आनन्द  हैं। कथा-पटकथा-संवाद संजीव निगम, कमल खत्री, विनोद सोलंकी, जावेद शेख एवं सम्राट  बसनेट। इसके मुख्य  कलाकार  हैं-राजपाल  यादव,  आर्यन  अधिकारी, नीता धुंगान,  विजय  पाटकर,  उषा  नाडकर्णी,  दयाशंकर  पांडे,  प्रकाश  गिमिरे,  रामचंद्र अधिकारी,  राजीव  निगम,  आरती  सोलंकी,  उदय  दहिया  एवं  राणा  जंग  बहादुर। ‘कड़के  कमाल  के’ एक  काॅमेडी  फिल्म  है।  नेपाल  के  एक  गांव  पनौती  में  मामा (राजपाल यादव) व भांजे (आर्यन अधिकारी) की जोड़ी रहती है। दोनों ही बेरोजगार हैं तथा बड़ा आदमी  बनने के सपने देखते रहते हैं।  एक  दिन एक नकली साधू दोनों  को  बताता  है  कि  उन्हें  बड़ी  लाॅटरी  लगने  वाली  है  और  उन्हें  मुंबई  जाना चाहिए। दोनों साधु की बात मानकर मुंबई आ जाते हैं। किस्मत से दोनों लोग मुंबई आकर करोड़पति बन जाते हैं। लेकिन अन्त में दोनों मामा-भांजे इस पैसे को गांव की उन्नति में लगा देते हैं।राजपाल यादव व आर्यन अधिकारी का काम अच्छा है। नायिका नीता धुंगान भी प्रभावित करती हैं। गीत-संगीत भी ठीक है। कुल मिलाकर यह एक काॅमेडी फिल्म है, जो दर्शकों का मनोरंजन करने में कामयाब है।  


संवाद प्रेषक: काली दास पाण्डेय


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