**चर्चाओं के बीच: संगीतकार राहुल सेठ - DIGITAL CINEMA

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**चर्चाओं के बीच: संगीतकार राहुल सेठ


बॉलीवुड में युवा संगीतकार राहुल सेठ इन दिनों काफी चर्चा में हैं। धर्मेन्द्र, सन्नी देओल और बॉबी देओल की लोकप्रिय हिन्दी फिल्म 'यमला पगला दीवाना' समेत कई फिल्मों में संगीत दे चुके राहुल सेठ गायन,संगीत ,लेखन व निर्देशन के क्षेत्र में समान रूप से अपनी पकड़ बनाये हुए हैं। राहुल सेठ ने  विश्व शांति के लिए तैयार किए गए विशेष गीत 'वी आर टूगेदर' में भी अपने संगीत का जादू बिखेरा है। इसके अलावा 'ग्लोबल वार्मिंग' और विश्व व्यापी आतंकवाद जैसे गंभीर मसले पर लिखे गए गीतों को उन्होंने अपने संगीत से सजाया है।
राहुल ने जनहित में कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ संगीतमय अभियान छेडा था और आज भी इस दिशा में सक्रिय हैं।राहुल इस बात को मानते हैं कि  देश में कन्या भ्रूण हत्या की बढ़ती घटनाओं के कारण लिंग अनुपात में न केवल असंतुलन पैदा हो गया है, बल्कि यह समाज के अस्तित्व के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।इसी सोच की वज़ह से इस अपराध को रोकने और कन्या रत्न की रक्षा के लिए उन्होंने  हिन्दी, अंग्रेजी और मराठी गीतों के जरिए लोगों को जागृत करने की एक पहल की थी और प्रतिफल स्वरूप हिन्दी में 'नन्ही सी कली मत तोडो़' गीत सामने आया था।पहचान व ख्याति प्राप्त करने के बाद भी राहुल कहते हैं कि अभी तो उनका सफर शुरू हुआ है..ये बात उनकी ज़िंदादिली व नम्र स्वभाव की ओर इंगित करती है।यही वज़ह है कि बॉलीवुड में हर कोई उनकी इज्जत करता है।सामाजिक सरोकार व राष्ट्रीय हित की बात करते करते राहुल सेठ  कहते हैं कि संगीत का प्रभाव भाषा और क्षेत्र के बंधन को तोड़ता है तथा कोई भी इसके जादुई असर से अछूता नहीं रहता। भारतीय संगीतकारों को इस बात का ख्याल रखना चाहिए और देश हित में काम करना चाहिए।


प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय



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