**फिल्म समीक्षा मुम्बई में 'ख्वाब सारे झूटे' - DIGITAL CINEMA

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**फिल्म समीक्षा मुम्बई में 'ख्वाब सारे झूटे'



शुक्रवार को मुंबई बांद्रा के ग्लैमर सिनेमा में “ख्वाब सारे झूटे”फिल्म प्रदर्शित हुई है। एक साधारण परिवार की लड़की रूबी सिंह (तूलिका सिंह) ग्लैमर की दुनिया से प्रभावित होती है और वह शोहरत और दौलत पाना चाहती है।  उसका मकसद पूरा होता है या नहीं? उसको दौलत और शोहरत मिलती है या नहीं? क्या होता है, यह आपको फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा। रूबी सिंह का लव इंटरेस्ट है आयुष खुराना (हर्ष कुमार), जो एक अमीर घराने का लड़का है और अपने प्यार के लिए अपना सब कुछ छोड़ देता है। फिर भी क्या उसे उसका प्यार हासिल होता है? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।  आयुष का दोस्त है रेहान (हिमायत खान) वह अपनी दोस्ती निभाता है या दगा देता है? यह देखने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी “ख्वाब सारे झूटे”!
              फिल्म धीमी गति से शुरू होती है और मध्यांतर के बाद अपनी रफ्तार में आ जाती है। दर्शकों को बहुत कुछ सोचने – समझने के लिए छोड़कर कर समाप्त हो जाती है। फिल्म कीी अवधि लगभग डेढ़ घंटे की है।  इस फिल्म के सभी कलाकार नए हैं और कलाकारों ने अपने रोल के अनुसार अपना श्रेष्ठ देने की कोशिश की है। मुख्य नायक नायिका के किरदार में हर्ष कुमार और तूलिका सिंह शुरू में अच्छे नहीं लगते लेकिन धीरे-धीरे फिल्म जैसे गति पकड़ती है, उनका अभिनय निखरता हुआ नजर आता है। सह कलाकार हिमायत खान ओवर एक्टिंग करते हैं। कैलाश की भूमिका में मधु नारायण ने अच्छा काम किया है।  विनीता मेनन छोटे से मॉडल के किरदार में खूबसूरत लगती हैं। बाकी कलाकारों ने अच्छा सपोर्ट किया है।
         दीपक बलदेव ठाकुर का निर्देशन ठीक-ठाक है। पटकथा और बेहतर होती, तो  फिल्म और अच्छी बन जाती। फिल्म के सिनेमाटोग्राफर जवाहर रेड्डी ने सर्वश्रेष्ठ काम किया है। बहुत खूबसूरती से उन्होंने दृश्यों को फिल्माया है।
       कुल मिलाकर नए कलाकारों की कम बजट में बनी यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है। फिल्म रिलीज के पहले दिन दर्शको ने और मूवी क्रिटिकों ने जो स्टार रेटिंग दी है, उसका औसत है पांच में से तीन। मुंबई के साथ यह फिल्म यूपी, बिहार, पश्चिमी बंगाल और हैदराबाद में भी रिलीज हुई है।



**(वनअप रिलेशंस न्यूज डेस्क)

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