अब सिर्फ बॉलीवुड की यादों में ही बाकी रह गया है...71 साल पुराना आर के स्टूडियो. - DIGITAL CINEMA

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अब सिर्फ बॉलीवुड की यादों में ही बाकी रह गया है...71 साल पुराना आर के स्टूडियो.


1948 में ग्रेट शो मैन राज कपूर ने जिस स्टूडियो का निर्माण किया था अब वह अस्तित्व में नहीं रहा। मुंबई के चेंबूर स्थित 71 साल पुराने आर के स्टूडियो 8 अगस्त को जमींदोज कर दिया गया। रियल स्टेट के दिग्गज गोदरेज प्रॉपर्टीज ने आर के स्टूडियो की जमीन को खरीद लिया था. वहीं इसके जमींदोज होने के बाद कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज काफी दुखी हैं।आर के स्टूडियो की स्थापना 1948 में एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर राज कपूर ने की थी। रणधीर, राजीव और ऋषि कपूर के पास इस स्टूडियो का साझा मालिकाना हक था और आर के फिल्म्स की कई फिल्मों की शूटिंग यहां हुई थी। 
2.2 एकड़ में फैले अब इस जगह की नई कहानी गोदरेज लिखेगी।आर के स्टूडियो की दिवाली, होली और गणपति पूरे बॉलीवुड में  पॉपुलर थी। राजकपूर के निधन के बाद उनके बेटों ने दिवाली, होली तो बंद कर दी थी लेकिन गणपति पूजा स्टूडियो परिसर में बिक्री के पूर्व तक जारी था।
*'आवारा' थी पहली फिल्म........
बरसात फिल्म के हिट होने के बाद राजकपूर साहब ने 1949 में इसे खरीदा था और उनकी पहली फिल्म 'आवारा' की ड्रीम शूटिंग इसी स्टूडियो में हुई थी। फिल्म की शूटिंग रात में होती थी। तब तक स्टूडियो में दीवारें बनी थीं लेकिन छत नहीं बनी थी। फिल्म रिलीज 1951 में हुई थी।
आरके स्टूडियो की आखिरी फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ रही है। इस फिल्म में राजेश खन्ना ने अहम् किरदार निभाया लेकिन कम लोगों को ही इस बात की जानकारी होगी कि आर के स्टूडियो में एक वक़्त राजेश खन्ना ने कोई भी फिल्म न करने का निर्णय ले लिया था। कृष्णा राज कपूर के कहने पर राजेश खन्ना इस फिल्म में काम करने को तैयार हुए थे। 
बहुत कम लोगों को पता होगा कि राजकपूर ने अपने दोनों बेटों ऋषि और रणधीर कपूर की शादी की पार्टी भी इसी स्टूडियो में दी थी। स्टूडियो को दुल्हन की तरह सजाया गया था।
राजकपूर ही नहीं दूसरे प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी इस स्टूडियो में शूटिंग करते रहे हैं।इस स्टूडियो से फिल्म उद्योग के कई नामचीन निर्माता निर्देशकों  की यादें जुड़ी हैं। इस स्टूडियो में बनी फिल्मों ने हिंदी सिनेमा में बड़ा योगदान दिया है।
किसी भी एक सामान को बेचना बहुत ही मुश्किल काम होता है। यक़ीनन पूरे परिवार के लिए आर के स्टूडियो को बेचने का फैसला लेना बहुत ही कठिन कार्य रहा होगा। पूरा परिवार वहां से ही आगे बढ़ा है। चाहे राजकपूर हों या ऋषि कपूर या फिर रणधीर और राजीव कपूर सभी की वहां से कई-कई यादें जुड़ी हुईं हैं। ऋषि कपूर की मेरा नाम जोकर, बॉबी,रणधीर कपूर की कल आज और कल, राजकपूर की राम तेरी गंगा मैली की पूरी शूटिंग यहीं हुई है। शाहरुख की फिल्म ओम शांति ओम, हिना, रूप की रानी चोरों का राजा, प्रेम ग्रंथ सहित कई फिल्मों की यादों में रह जाएगा आर के स्टूडियो।


प्रस्तुति: काली दास पाण्डेय




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